परम पिता परमेश्वर

जिंदगी के इस बहाव में आ रही,
उलझनों की कश्तियां 
बहाव में बह ही जाएंगी 
इसीलिए 
भीतर ही भीतर छटपटाना छोड़ दे,
और,
हृदय से,
उस परम पिता परमेश्वर के शरण में चला जा,
वो 
सबकुछ सही सही 
सही समय पर कर देंगे,

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