उसने कभी आपको अकेला छोड़ा ही नहीं।

उसने कभी आपको अकेला छोड़ा ही नहीं,
खाते
पीते,
जगते
सोते,
उसने कभी आपको अकेला छोड़ा ही नहीं
क्योंकि वह आपके साथ आपके भीतर बैठा है,
वह कुछ बोला
तो कुछ उसने सुना भी,
उसने कुछ देखा
तो कुछ अनदेखा भी किया,
कभी वो हंसा
तो कभी मायूस भी हुआ
कभी रोया
तो कभी चिल्लाया भी
और मुस्कराया भी
क्योंकि उसने कभी आपको अकेला छोड़ा ही नहीं
जो आपके साथ आपके भीतर बैठा है।





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